पात्रता सूची

वरिष्ठ अध्यापक सामान्य संशोधित वरिष्ठता सूची 2020-21 अजमेर संभाग

  1. Hindi
  2. Sanskrit
  3. Gen
  4. sindhi
  5. ss

रामायण

1-राजा जनक का मूल नाम क्षीर ध्वज था उनके छोटे भाई कुशध्वज थे ! सीता जनक पुत्री थी सीता भूमिजा थी ! सीता की माता का नाम सुनेत्रा सुनयना था सुनयना की पुत्री उर्मिला थी सीता और उर्मिला का विवाह क्रमश दशरथ नन्दन राम लक्ष्मण के साथ हुआ ! कुशध्वज की दो पुत्रियां मांडवी श्रुतिकीर्ति का विवाह क्रमश भरत शत्रुघ्न जी के साथ हुआ !
रामजी के एक बहिन भी थी जिसका नाम शान्ता था शान्ता दशरथ कौशल्या की सन्तान थी ! अंग देश के राजा रोमपद कौशल्या की बड़ी बहिन वर्षिणी ने जो शान्ता की काकी थी ने गोद लिया था ! बाद में ऋषि श्रंग के साथ शान्ता का विवाह हुआ और ऋषि श्रंग ने ही राजा दशरथ का पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाया था !

2-श्रीजानकीजयन्ती पुण्यावसरे

श्रीजानकीचरितम्
———————-

वैशाखस्य सिते तिथिर्हि नवमी
त्रेतायुगे पावना
यज्ञार्थं खलु शोधिता वसुमती
राजर्षिणा धीमता।
फालेनैव यदा हलस्य जनकः
सीरध्वजः कर्षति
साश्चर्यो नृपतिः प्रजा मुनिजनाः
पश्यन्ति दिव्यं शिशुम्(1)

त्रेतायुग में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पवित्र नवमी तिथि थी । बुद्धिमान् राजर्षि जनक ने यज्ञ के लिए भूमि का शोधन किया । सीरध्वज जनक ने हल के फाले से जोतना शुरु किया, तभी आश्चर्य चकित राजा जनक, समस्त प्रजा और मुनियों ने एक दिव्य शिशु को देखा।

दिव्यं तं स्तनपं विलोक्य जनकः
सीरध्वजो हर्षितः
कन्येयं तनया नयामि भवने
साक्षी स्वयं शङ्करः।
वैदेही च यतो विदेहतनया
सीता तथा सीतया
कन्या साब्धिसुतेन्दिरावतरणं
नूनं जगद्धेतवे।।(2)

उस दुधमुंहे शिशु को देखकर सीरध्वज राजर्षि जनक बहुत खुश हुए । यह कन्या मेरी पुत्री है, इसे मैं अपने महल में ले जा रहा हूं , इस बात के साक्षी स्वयं भगवान शंकर हैं। विदेहपुत्री होने के कारण उसका नाम वैदेही हुआ तथा सीता अर्थात हल के फाले से बनी रेखा ( खूड ) से पैदा होने के कारण सीता नाम पड़ा । यह कन्या साक्षात सिन्धुसुता लक्ष्मी का अवतार थी। अवश्य ही इसका अवतरण लोक कल्याण के लिए हुआ था ।

बाल्ये कालगते यदा हि तनया
संवत्सरे पञ्चमे
एकेनैव करेण खण्डपरशो-
रुत्थापितं तद्धनुः।
पुत्री मे वसुधासुता बलवती
राजर्षिणा निश्चितं
भर्ता ते स भविष्यतीति दुहितः
शम्भोः धनुर्भञ्जकः।।(3)

बचपन में जब यह कन्या पाँच वर्ष की थी, इसने एक ही हाथ से भगवान् शिव का धनुष उठा लिया था । यह देखकर राजा ने निश्चय किया —मेरी पुत्री वसुन्धरा पृथ्वी की बलवती पुत्री है, अतः हे पुत्री ! जो भगवान् शिव के इस धनुष को तोड़ेगा, वही तुम्हारा पति होगा।

रामो दाशरथी पुराणपुरुषः
श्रीजानकीवल्लभः
सीता गच्छति कानने हि पतिना
रामेण साकं सती।
लङ्केशेन हृता निशाचरपती
रामेण वै हन्यते
हेतुर्यातुविनाशने भगवती
नौमि श्रीरामप्रियाम्।।(4)

कालान्तर में दशरथ पुत्र पुराणपुरुष श्री राम सीता जी के पति हुए । सती सीता अपने पति श्रीराम के साथ वन वास में चली गई । वहां लंकापति रावण ने इनका हरण कर लिया । परिणाम स्वरूप श्रीराम ने राक्षस राज रावण का वध कर दिया । इस प्रकार भगवती सीता राक्षसों के विनाश का कारण बनी। ऐसी श्रीराम प्रिया सीता जी को मैं प्रणाम करता हूं।

सीतायाः चरितं पुण्यं
नित्यं पठन्ति ये जनाः।
इहलोके सुखं प्राप्य
प्राणान्ते श्रीपतेः पदम्।।(5)

 

सीता जी का धरती में समाना

वाल्मीकि रामायण में वर्णन आता है कि रामजी अंतिम यज्ञ नैमिषार्णय में किया. अयोध्या के पास यह नैमिषार्णय है. नैमिषार्णय यात्रा जिन वैष्णवों ने कि होगी उनको विदित होगा कि वह एक जानकी कुण्ड है. वह के साधू ऐसा बतलाते है कि श्री सीता माता इसी धरती में समायी है. और इनके स्मारक-स्वरूप इस कुण्ड का नाम जानकी कुण्ड है. माता जी यही लीन हुई है

श्री रामचंद्र जी के यज्ञ का निमन्त्रण वाल्मीकि जी को भी गया

वाल्मीकि ऋषि कि बहुत इच्छा थी कि किसी भी प्रकार से रामजी मान जाये और सीता जी को घर में रखे. श्री सीतारामजी सुवर्ण-सिंहासनपर एक साथ विराजे और मै दर्शन करू. मै रामजी को समझाऊंगा , रामजी को उलाहना दूंगा, बहुत दिन हो गए. अब मुझे यह रहस्य सभा में प्रकट करना है.

एक दिन दरबार भरा हुआ था. उस दरबार में महर्षि वाल्मीकि जी ने शपथ सहित वचन कहे

बहु वर्ष सहस्त्राणि तपश्चर्या मया कृता
मनसा कर्मणा वाचा भूतपूर्व न किल्बिषम्

साठ हजार वर्ष तक मैंने तपश्चर्या कि है. मन, वाणी अथवा कर्म से मैंने कोई पाप नहीं किया. एक दिन भी मैंने झूंठ नहीं बोला. मै प्रतिज्ञापूर्वक कहता हु कि सीता जी महान पतिव्रता है. सीता जी अति पवित्र, शुद्ध एवं निर्दोष है

आज ऋषि ने सभा में प्रकट किया कि श्री सीताजी मेरे आश्रम में है. रामराज्य में प्रजा बहुत सुखी है. जितना महान सुख रामराज्य में तुमको मिलता है, उतना स्वर्ग के देवताओं को भी नही मिलता परन्तु लोगो को धिक्कार है कि ऐसे श्री रामजी के सुख का तनिक भी विचार नहीं करते. जिन रामजी के राज्य में इतना महान सुख तुमको मिला है, उन रामजी कि क्या स्थिति है? अकेले श्रीराम जी राजमहल में रहते है, अकेली सीताजी मेरे आश्रम में है. यह तुम लोगो से कैसी सहन किया जा रहा है? तुम्हारी सेवा जैसी श्री रामचन्द्र जी ने कि है वैसी किसी राजा ने अपनी प्रजा कि सेवा नहीं कि. तुम्हारी आराधना के लिए ही रामजी ने निर्दोष सीताजी का भी त्याग किया

आज मै प्रतिज्ञापूर्वक कहता हु कि सीताजी महान पतिव्रता न हो तो मेरी साठ हजार वर्ष कि तपस्या व्यर्थ हो जाए श्री सीताजी महान पतिव्रता ना हो तो मै नर्क में पडू, मेरी दुर्गति हो

श्री सीताजी का स्मरण हुआ और ऋषि वाल्मीकि का ह्रदय द्रवीभूत हो गया. उन ऋषि ने श्रीसीताजी का बहुत बखान किया और अयोध्या कि प्रजा को बहुत उलाहना दिया. वे आवेश में आकर बोलने लगे.

आयोध के लोग कैसे है मुझे खबर नहीं पड़ती. लोगो को लज्जा भी नहीं आती. ये लोग मनुष्य ये या राक्षस? को विचार ही नहीं करता. तुमलोग रामजी को क्यों नहीं कहते कि माताजी को जल्दी घर में पधराओ, नहीं तो हम अन्न-जल छोड़कर प्राण त्याग करते है

आज तो बोलते-बोलते ऋषि ने रामजी को भी उलाहना दिया, रामजी को भी बहुत सुनाई, इन्होने रामजी से कहा, तुम्हारा अन्य सभी कुछ ठीक है परन्तु तुमने श्री सीताजी का त्याग किया यह बहुत बुरा किया है ..

मुझको यह सहन नहीं होता. मेरी बहुत भावना है कि श्रीसीताजी के साथ आप सुवर्णसिंहासन पर आप विराजो और मै दर्शन करू. मुझे दक्षिणा में और कुछ भी नहीं माँगना, केवल इतना ही माँगना है. वे मेरी कन्या महान पतिव्रता है ऋषि बहुत आवेश में बोलने लगे. उस समय रामजी सिंहासन से उठकर दौड़ते हुए आये और वाल्मीकि जी के चरण पकडे और ऋषि के चरणों में माथा नवाया. कहा मै जानता हु के वे महान पतिव्रता है, निर्दोष है, परन्तु गुरूजी! मै क्या करू, मेरा दोष नहीं. अयोध्या के लोग चाहे जैसा बोलते है. कितनो ही के मन में शंका है, लंका में उन्हों ने अग्नि में प्रवेश किया था, परन्तु अयोध्या की प्रजा को विश्वास नहीं आता

मेरे चरित्र के विषय में लोगो को शंका होती है. प्रजा को शुद्ध चरित्र का आदर्श बताने के लिए मेरी इच्छा न होते हुए भी मैंने त्याग किया है. सीताजी की पवित्रता का मुझे तो विश्वास है परन्तु अयोध्या के लोगो को विश्वास होना चाहिए, मेरी बहुत इच्छा है के एक बार सीता जी दरबार में पधारे और अयोध्या की प्रजा को विश्वास हो सके, ऐसा कोई उपाए बतावे. उसके पश्चात् मै सीताजी को घर में लाऊ

वाल्मीकि जी आश्रम में आते है और सीताजी को समझाते है बेटी! आज रामजी के साथ बहुत बाते हुई और प्रभु ने ऐसा कहा है कि मेरी बहुत इच्छा है कि एक बार वे दरबार में आवे. बेटी! तुम जाओगी तो मै तुम्हारे साथ रहूँगा.

ऋषि सीताजी को समझाते है. सीताजी बहुत व्याकुल हुई. उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर कहा. पतिदेव कि आज्ञा का पालन करना मेरा धर्म है. प्रभु ने मेरा त्याग किया, यह योग्य था और आज मुझे दरबार में बुलाते है. यह भी योग्य है. ये जो कुछ भी करते है. वह सब हो योग्य है. उनकी इच्छा है तो मै दरबार में आउंगी. वाल्मीकि जी रामचंद्र जी के पास आये और उन्हों ने कहा कि महाराज श्रीसीताजी दरबार में पधारेंगी. इसके लिए दिन निश्चित हो गया.

नियत दिन पर भारी दरबार भरा हुआ है. देवता और ऋषि दरबार आये हुए है. अयोध्या कि प्रजा दौड़ रही है. सभी को सीताजी का प्रभाव देखने कि इच्छा है

वाल्मीकि जी सीताजी को दरबार में लेकर आते है. श्रीसीता माँ , वाल्मीकि जी के पीछे पीछे चल रही है. नजर धरती पर है. श्री सीताजी माँ किसी पर दृष्टि डालती नहीं. माँ ने दोनों हाथ जोड़ रखे है. वे जगत को वन्दन कर रही है .. :'(

माँ ने काषाय वस्त्र पहन रखे है सौभाग्य – अलकार के आलावा दूसरा कोई श्रृंगार नहीं है. श्रीराम के वियोग में सीता जी ने अनाज का सेवन किया नहीं है. इससे माँ का श्रीअंग अतिशय दुर्बल दीख पड़ते है. लव – कुश पीछे पीछे चल रहे है

अयोध्या के प्रजा सीताजी का दर्शन करती है. श्री सीता माँ का दर्शन करते करते सब रोने लग गए. श्री सीता माँ का जय – जयकार करने लगे.

सिंहासन पर श्रीरामचन्द्रजी विराजे हुए है. श्रीसीताजी उनका वन्दन करती है. उसके पश्चात् सीता माँ शपथ लेते हुए धरती पर नजर रख कर माँ बोली

पतिव्रता-धर्म का मैंने बराबर पालन किया हो, आचरण , वाणी और विचार से सदा-सर्वदा श्रीरामजी का है चिन्तन किया हो., यह सब जो मैंने कहा , वह सत्य हो तो हे धरती माँ!, मुझे अपनी गोद में स्थान दो , अब तो मुझे मार्ग दो, मुझे अब इस जगत में रहना नहीं है ..

सीता माँ के मुख से ज्यो ही ये शब्द निकले, वही पर एकाएक धडाका हुआ, धरती फट गई, शेषनाग के फन के ऊपर सुवर्ण का सिंहासन बहार आया, श्री भूदेवी ने श्रीसीता माँ को उठा कर सिंहासन पर बैठाया और कहा. पुत्री यह जगत अब तुम्हारे रहने योग्य नहीं. लोगो को सम्मान देना आता ही नहीं. सिंहासन पर ज्यो ही श्री सीताजी विराजी, लव-कुश घबरा कर दौड़ते आये. हमारी माँ कहा जाती है? सात-आठ वर्ष के बालक है. माँ ने बलैया ली और कहा – ‘बेटा! राजा राम तुम्हारे पिता है. तुम अब अपने पिता कि सेवा करना, तुम्हारी माँ जाती है’

सब देखते ही रह गए. एक क्षण में सिंहासन के साथ श्री सीताजी आद्र्श्य हो गयी, धरती में लीन हो गई. पीछे तो अयोध्या के लोग बहुत विलाप करते है. श्रीराम आनन्द रूप है परन्तु सीताजी के वियोग में उन्हों ने भी विलाप किया है

श्री सीताजी का चरित्र अति दिव्या है, उनकी प्रत्येक लीला दिव्या है, श्री सीताजी का जनम दिव्या , श्री सीताजी का जीवन दिव्या और श्री सीता जी कि शेष लीला भी दिव्या है, श्री सीताजी के समान महान पतिव्रता स्त्री इस जगत में कोई नहीं है. भविष्य में होगी भी नहीं

परंतु वामपंथी विचारधारा की जनता कभी किसी की नहीं हुई , भगवान राम के समय भी नही और अब भी नही ।।
जय सीताराम🙏

 

रावण के गुण…

रावण मे कितना ही राक्षसत्व क्यों न हो, उसके गुणों विस्मृत नहीं किया जा सकता। ऐसा माना जाता हैं कि रावण शंकर भगवान का बड़ा भक्त था। वह महा तेजस्वी, प्रतापी, पराक्रमी, रूपवान तथा विद्वान था।

वाल्मीकि उसके गुणों को निष्पक्षता के साथ स्वीकार करते हुये उसे चारों वेदों का विश्वविख्यात ज्ञाता और महान विद्वान बताते हैं। वे अपने रामायण में हनुमान का रावण के दरबार में प्रवेश के समय लिखते हैं

अहो रूपमहो धैर्यमहोत्सवमहो द्युति:।
अहो राक्षसराजस्य सर्वलक्षणयुक्तता॥
आगे वे लिखते हैं “रावण को देखते ही राम मुग्ध हो जाते हैं और कहते हैं कि रूप, सौन्दर्य, धैर्य, कान्ति तथा सर्वलक्षणयुक्त होने पर भी यदि इस रावण में अधर्म बलवान न होता तो यह देवलोक का भी स्वामी बन जाता।”

रावण दुष्ट था और पापी था | शास्त्रों के अनुसार वह किसी भी स्त्री को स्पर्श नहीं कर सकता बगैर उसकी इच्छा के, अगर वह ऐसा करेगा तो वह जल कर भस्म हो जाएगा | इसी कारण वह सीताजी को छू तक नहीं पाया |

वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस दोनों ही ग्रंथों में रावण को बहुत महत्त्व दिया गया है। राक्षसी माता और ऋषि पिता की सन्तान होने के कारण सदैव दो परस्पर विरोधी तत्त्व रावण के अन्तःकरण को मथते रहते हैं।

बौद्धिक संपदा का संरक्षणदाता : रावण…

रावण के ही प्रसंग में श्रीकृष्ण जुगनू का अभिमत है- “…..लंकापति रावण पर विजय का पर्व अकसर यह याद दिलाता है कि रावण की सभा बौद्धिक संपदा के संरक्षण की केंद्र थी। उस काल में जितने भी श्रेष्‍ठजन थे, बुद्धिजीवी और कौशलकर्ता थे, रावण ने उनको अपने आश्रय में रखा था। रावण ने सीता के सामने अपना जो परिचय दिया, वह उसके इसी वैभव का विवेचन है। अरण्‍यकाण्‍ड का 48वां सर्ग इस प्रसंग में द्रष्‍टव्‍य है।

उस काल का श्रेष्‍ठ शिल्‍पी मय, जिसने स्‍वयं को विश्‍वकर्मा भी कहा, उसके दरबार में रहा। उसकाल की श्रेष्‍ठ पुरियों में रावण की राजधानी लंका की गणना होती थी – यथेन्‍द्रस्‍यामरावती। मय के साथ रावण ने वैवाहिक संबंध भी स्‍थापित किया। मय को विमान रचना का भी ज्ञान था। कुशल आयुर्वेदशास्‍त्री सुषेण उसके ही दरबार में था जो युद्धजन्‍य मूर्च्‍छा के उपचार में दक्ष था और भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली सभी ओषधियों को उनके गुणधर्म तथा उपलब्धि स्‍थान सहित जानता था। शिशु रोग निवारण के लिए उसने पुख्‍ता प्रबंध किया था। स्‍वयं इस विषय पर ग्रंथों का प्रणयन भी किया।

श्रेष्‍ठ वृक्षायुर्वेद शास्‍त्री उसके यहां थे जो समस्‍त कामनाओं को पूरी करने वाली पर्यावरण की जनक वाटिकाओं का संरक्षण करते थे – सर्वकाफलैर्वृक्षै: संकुलोद्यान भूषिता। इस कार्य पर स्‍वयं उसने अपने पुत्र को तैनात किया था। उसके यहां रत्‍न के रूप में श्रेष्‍ठ गुप्‍तचर, श्रेष्‍ठ परामर्शद और कुलश संगीतज्ञ भी तैनात थे। अंतपुर में सैकड़ों औरतें भी वाद्यों से स्‍नेह रखती थीं।

उसके यहां श्रेष्‍ठ सड़क प्रबंधन था और इस कार्य पर दक्ष लोग तैनात थे तथा हाथी, घोड़े, रथों के संचालन को नियमित करते थे। वह प्रथमत: भोगों, संसाधनों के संग्रह और उनके प्रबंधन पर ध्‍यान देता था। इसी कारण नरवाहन कुबेर को कैलास की शरण लेनी पड़ी थी। उसका पुष्‍पक नामक विमान रावण के अधिकार में था और इसी कारण वह वायु या आकाशमार्ग उसकी सत्‍ता में था : यस्‍य तत् पुष्‍पकं नाम विमानं कामगं शुभम्। वीर्यावर्जितं भद्रे येन या‍मि विहायसम्।

उसने जल प्रबंधन पर पूरा ध्‍यान दिया, वह जहां भी जाता, नदियों के पानी को बांधने के उपक्रम में लगा रहता था : नद्यश्‍च स्तिमतोदका:, भवन्ति यत्र तत्राहं तिष्‍ठामि चरामि च। कैलास पर्वतोत्‍थान के उसके बल के प्रदर्शन का परिचायक है, वह ‘माउंट लिफ्ट’ प्रणाली का कदाचित प्रथम उदाहरण है। भारतीय मूर्तिकला में उसका यह स्‍वरूप बहुत लोकप्रिय रहा है। बस…. उसका अभिमान ही उसके पतन का कारण बना। वरना नीतिज्ञ ऐसा कि राम ने लक्ष्‍मण को उसके पास नीति ग्रहण के लिए भेजा था, विष्‍णुधर्मोत्‍तरपुराण में इसके संदर्भ विद्यमान हैं।”

रावण के अवगुण…

वाल्मीकि रावण के अधर्मी होने को उसका मुख्य अवगुण मानते हैं। उनके रामायण में रावण के वध होने पर मन्दोदरी विलाप करते हुए कहती है, “अनेक यज्ञों का विलोप करने वाले, धर्म व्यवस्थाओं को तोड़ने वाले, देव-असुर और मनुष्यों की कन्याओं का जहाँ तहाँ से हरण करने वाले! आज तू अपने इन पाप कर्मों के कारण ही वध को प्राप्त हुआ है।” तुलसीदास जी केवल उसके अहंकार को ही उसका मुख्य अवगुण बताते हैं। उन्होंने रावण को बाहरी तौर से राम से शत्रु भाव रखते हुये हृदय से उनका भक्त बताया है। तुलसीदास के अनुसार रावण सोचता है कि यदि स्वयं भगवान ने अवतार लिया है तो मैं जा कर उनसे हठपूर्वक वैर करूंगा और प्रभु के बाण के आघात से प्राण छोड़कर भव-बन्धन से मुक्त हो जाऊंगा।

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Khadhyann

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MDM Excel Sheet on 28-07-2019
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आयकर गणना प्रपत्र 2019-20  update 22-12-2019
आयकर गणना प्रपत्र 2019-20  Only PD Head
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आयकर गणना प्रपत्र 2019-20 macro version
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आयकर गणना प्रपत्र वर्ष 2018 -19 with 10E form

office related

  1. ACP Order & Arrear Sheet unlock
  2. PL Leave Calculator for only computer
  3. PL Leave Calculator for mobile & com.
  4. DA Arrear 12 to 17 % update according Paymanger.
  5. Corona Deducation ID 292
  6. DA Arrear 12 to 17 % update with surrender Arrear
  7. DA Arrear 12 to 17 % update 27-03-2020
  8. bonus  हेतु excel sheet
  9. शाला समंक प्रपत्र
  10. Local Fund Cash Book
  11. Budget Excel Programme 2019-20
  12. Arrear Diff. sheet 11-8-19 Unlock
  13. Arrear Diff. sheet 28-07-19
  14. 7th-pay-fixation-Arear-70-100.xlsx
  15. 7th pay fixation Arear 40% PriPay manager 7-10-2018
  16. DA Arrear 9% update 7-10-18
    1. 10th Board Exam Seating Plan 6 ˣ 4
    2. 12th Board Exam Seating Plan 6 ˣ 4
    3. 12th Board Exam Seating Plan
    4. 10th Board Exam Seating Plan
    5. 8th Board Exam Seating Plan

समान पद पर नियुक्त होने पर वेतन निर्धारण

तृतीय श्रेणी शिक्षक के समान पद पर नियुक्त होने पर वेतन निर्धारण लेखाविज्ञ अक्टूबर 2018

1. शिक्षक भर्ती 2012 के अंतर्गत नियुक्त जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति शिक्षक भर्ती 2013 के अंतर्गत हुई है उन्हें पूर्व नियोक्ता द्वारा कार्यमुक्त किया जाएगा एवं नए नियोक्ता द्वारा कार्यग्रहण की अनुमति देय होगी !

2. चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को वरिष्ठता भर्ती परीक्षा 2013 में उनके द्वारा प्राप्त मेरीट क्रमांक के अनुसार सगणित की जाएगी एवं अभ्यर्थी की पूर्व सेवाएं वरिष्ठता के लिहाज से संगणित नहीं की जाएगी

3. शिक्षक भर्ती 2012 में नियुक्ति उपरांत शिक्षक भर्ती 2013 में चयनित होने वाले याचिकार्थी जिन्हें माननीय न्यायालय के अंतरिम आदेश के अधीन कार्यमुक्त किया गया है ! उनके संबंध में पूर्व नियोक्ता द्वारा अंतिम वेतन प्रमाणपत्र (एलपीसी) जारी किया जाएगा

4.ऐसे कार्मिकों के प्रोबेशनर ट्रेनी अवधि के लिए नियत पारीश्रमिक अथवा पूर्व पद के अपने स्वयं के वेतनमान में वेतन जो भी लाभप्रद हो ! प्राप्त करने का विकल्प है प्रोबेशनर ट्रेनी अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 26 के तहत वेतन निर्धारित किया जाना प्रावधान है*

यह निर्देश वित्त विभाग की आईडी संख्या 101803088 दिनांक 25.6.2018 द्वारा प्रदत्त सहमति के अनुसरण में जारी किए जाते हैं

शैक्षिक समाचार राजस्थान

cashbook

केश बुक सम्बन्धित सामान्य जानकारी IN PDF

केश बुक सम्बन्धित सामान्य जानकारी
1 आज कल तीन कॉलम वाली कैश बुक काम मे आती के जिसमे मुख्य तीन कॉलम 1कुल राशि योग
2 कैश राशि
3बैंक में जमा राशि
कैश बुक में दो पक्ष (दो पेज) होते है
1 जमा पक्ष क्रेडिट साइड ?इसमे संस्था को प्राप्त होने वाली राशि की एंट्री कर राशि को जमा किया जाता है इसको लिखते समय यदि राशि नगद प्राप्त हुईं है तो योग एवम कैश के कॉलम में लिखेंगे।
यदि राशि सीधे ही बैंक ac में जमा हुई है तो उसकी एंट्री योग एवम बैंक के कॉलम में होगी इसी प्रकार कोई चेक या Dd प्राप्त हुआ है तो उसे बैंक में देने के बाद राशि total एवं बैंक के कॉलम में लिख कर जमा होगी।
नाम पक्षडेबिट साइड
1 इसमे आप द्वारा किये गए व्यय या भुगतान की राशि लिखी जाती है।
2 नगद भुगतान किया है तो टोटल एवम cash के कॉलम में लिखते है।
3 यदि भुगतान चेक से किया गया है तो टोटल एवम बैंक के कॉलम में एंट्री लिखते है।
4 बिल या बाउचर पर बाउचर न एवम डेट अंकित कर कैश बुक में निर्धारित जगह पर भी लिखते है।
5 बाउचर से प्राप्त सामग्री को स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है।
इसके साथ ही बाउचर के पीछे स्टॉक रजिस्टर के पेज न एवम दिनाक लिखे जहाँ सामग्री जमा की है।
6 वाउचर का भुगतान करने के बाद paid & canciled की शील लगा देवे ।
7 केशबुक के अनुसार जितनी कैश बुके संस्था में है उनकी अलग अलग बाउचर फ़ाइल बना कर उसमे क्रम से बाउचरो को फ़ाइल करे।
कुछ सामान्य जानकारियां
1 केशबुक दिन के हिसाब से प्रति दिन भरनी चाहिए अधिक दिनों की एक साथ भरने पर गलती होने की संभावना रहती है।
2 कैश बुक में ओवर राइटिंग, ब्लेड से कटिंग,व्हाइटनर का उपयोग नही करे।
3 कोई गलती हो तो उस पर गोल लगा कर सही फिगर ऊपर लिख देवे एवम लघु हस्ताक्षर से प्रमाणित कर देवे।
4 एक दिन की समस्त आय,व्यय आदि लिख कर उसे बंद कर दोनों पक्षो में हस्ताक्षर करें।
??????

जमा पक्ष में छात्रों की फीस कैश बुक में कैसे जमा करेंगे यह सीखते है
???????
1 ➡सर्व प्रथम छात्र कोष की रसीद बुक में फीस की रसीद काटेंगे।
2 ➡माना 5 छात्रों की आज फीस प्राप्त हुई जो sc वर्ग के है उनकी रसीद निम्न अनुसार काटेंगे।
1 ?छात्र कोष 100
2?supw 50
3?स्काउटिंग 05
4?वि0दुर0बीमा 10
कुल 165 रु
3➡अब हर रसीद के पीछे एक के बाद दूसरी पर जोड़ लगावे तथा अंतिम रसीद के पीछे जोड़ की राशि 825 को निम्न मद अनुसार फलावट करे।
छात्र कोष 500
Supw 250
स्कॉउटिंग 25
वि0दु0बीमा 50कि
कुल 825
अब कैश बुक में कैसे लिखे
1➡सबसे ऊपर ओपनिंग बैलेंस आयेगा यह पिछले दिन की बचत राशि होती है।
2➡दिनांक 22/8/19
3➡इसमे विवरण आयेगा जैसे कक्षा 9 a के 5 छात्रों का शुल्क BN 20 रसीद न 11 से 15 द्वारा जमा
4➡ फिर आगे मद अनुसार अलग अलग खानों में राशि अंकित करें यह राशि नगद प्राप्त हुई है इसलिए रोकड़ के कॉलम में भी आएंगी बैंक वाले में डेस लगा देवे।
5➡अब पहले जमा पक्ष का योग लगावे फिर नाम पक्ष का फिर उस दिन की कैश बुक बन्द कर दोनों पक्षो पर दस्खत कर देवे।
6➡कैश बुक बन्द कैसे करते है सलग्न इमेज को देख कर सीखे ।

व्यय बाउचर /बिल पेमेंट का इंद्राज कैश बुक में केसे करते है उसको देखते है
➡वाउचर /बिल का भुगतान नगद एवम चेक दोनों तरीको से किया जाता है।
➡निर्देश इस प्रकार के है कि हमे जहा तक संभव हो चेक से ही भुगतान करना चाहिये
➡चेक self/yuor self के बजाय पार्टी या फर्म के नाम से बनाना चाहिए एवम चेक को क्रॉस करके only a/ c Pay कर देना चाहिए
➡चेक बनाते समय नाम,राशि ,date जैसे किसी भी में कटिंग एवम ओवर राइटिंग नही होनी चाहिए यदि है तो फुल sing से ca करे।
➡किसी भी पार्टी को चेक देने से पहले अपने बैंक ac का बैलेंस अवश्य चेक कर लेना चाहिये पर्याप्त राशि के अभाव में चेक अनादर हो जाता है जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है पार्टी चेक अनादर का केस भी कर सकती है ।
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➡कल बताए गए की पुनरावर्ती में 5 बच्चों की फीस आज भी जमा पक्ष में जमा की गई है इमेज में देखे
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तीन अलग अलग व्यय वाउचर आज हम लिखना सीखते है यह नामे डेबिट पक्ष में लिखे जाते है कॉलम क्रम निम्न अनुसार
1 ➡डेट 23/8/19
➡VN 10 date 23/8/19
पिछले वाउचर से आगे का vn देवे
➡विवरण में supw कैम्प हेतु बेनर बनवाया गया जिसका भुगतान laxmi printer सादडी को उसके BN 100 /date23/8/19का नगद भुगतान किया।
➡अब इसकी राशि 200 रु को supw, total, एवम रोकड़ के कॉलम में लिखे।
2➡डेट23/8/19
➡VN न 11/date 23/8/19
➡विवरण माह अगस्त 19 के स्कूल के बिजली बिल का भुगतान चेक न 1234/date 23/8/19 से किया गया ।
➡इस राशि 1000 को छात्र कोष,टोटल एवम बैंक के कॉलम में लिखे
3 ➡डेट 23/8/19
➡VN न 12/date
23/8/19
➡विवरण स्काउटर के लिए 2 टोपियां क्रय की गई जिसका भुगतान नवीन फेसन के bn न 46/23.8.19 नगद किया गया
➡अब इसकी राशि 80 रु को स्काउटिंग,total, रोकड़ के कॉलम में लिखे।
कैश बुक बन्द (close)करना
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➡बन्द करते समय सबसे पहले जमा cadit साइड के सभी कॉलम का योग लगता है जिसे आप लगा कर लाल इंक से महायोग लिख देवे।
➡उसके बाद नाम डेबिट side में कुल व्यय की ऊपर वाली लाइन में सभी कॉलम की जोड़ कर लिखे।
➡सबसे नीचे जमा पक्ष से महायोग की राशि सेम तीसरी लाइन में नाम पक्ष के महायोग में लिखे।
➡आज की बचत राशि निकलने के लिए महायोग मेसे कुल व्यय की राशि को प्रत्येक कॉलम में घटा कर बचत वाली बीच की लाइन में लिख देवे।
यह बचत राशि अगले दिन के लिये ओपनिंग बैलेंस हो जाटी है।
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आज हम दो बिंदुओं पर चर्चा करँगे
1➡वाउचर फ़ाइल करने से पूर्व क्या क्या प्रक्रिया करे
2➡बैंक में रु जमा करना अथवा बैंक से रु निकलवाने पर कैश बुक में contra एंट्री कैसे की जाती है।
?व्यय बाउचर कैश बुक में दर्ज करने के बाद वाउचर पर वाउचर न एवम डेट लगावे फिर वाउचर पर यह निम्न 4 प्रमाण पत्र लगावे या मोहर बनी हुई हो तो वह लगा देवे।
1➡Paid & Verified ( भुगतान प्रमाणित)
2➡Paid & cancelled( भुगतान कर निरस्त किया गया)
3➡Entred bill in———— cash book on page No.————Date——-
4➡स्टॉक एंट्री प्रमाण पत्र
इस बिल/बाउचर द्वारा प्राप्त सामग्री विद्यालय के ————स्टॉक रजिस्टर के पेज संख्या—————–
पर दिनांक————-को सामग्री दर्ज कर दी गई है।
हस्ताक्षर मय मोहर
?अब बाउचर फ़ाइल बना कर उसे फ़ाइल करना
1बाउचर फ़ाइल को ओडिट होने तक व्यवस्थित संभाल कर रखना होता है अतः बाजार सेएक अच्छी वाउचर फ़ाइल खरीदे वैसे वाउचर फ़ाइल के नाम से एक प्रिंटेड वाउचर फ़ाइल भी मिलता है उसमें वाउचर
फ़ाइल करे।
आज का महत्वपूर्ण बिंदु बैंक में राशि जमा करना अथवा बैंक से राशि निकालना
1➡इसे contra entry कहते है।
2➡इसका मूल कॉन्सेप्ट बहुत अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए फिर कभी समस्या नही आएगी
➡3कॉन्सेप्ट -बैंक में राशि जमा कराने या बैंक से राशि निकालने पर दो खाते प्रभावित होते है अतः इसकी एंट्री जमा credit/नाम debit दोनों पक्षो में की जाती है।
इसकी एंट्री कैश बुक में कैसे होती है❓समझे
1➡बैंक में राशि जमा कराना
बैंक खाते जमा (क्रेडिट )
रोकड़ खाते नामे (डेबिट)

मतलब आप 400रु बैंक में जमा कर रहे है तो बैंक खाते में 400रु+(प्लस) होंगे तथा रोकड़ खाते में 400रु -(माईनस) होंगे।
2➡बैंक से राशि निकालना
बैंक खाते नामे(डेबिट)
रोकड़ खाते जमा (क्रेडिट)

मतलब आप बैंक से 4000 रु निकालते है तो बैंक खाते में 4000 की राशि -(माईनस)तथा रोकड़ खाते में 4000 रु की राशि+(प्लस) होगी।

कैश बुक संधारण प्रशिक्षण पांचवा दिन
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Topic 1➡किन गलतियों से राशि की वसूली निकती है या गबन के प्रकरण बनते है
जमा पक्ष की गलतियां
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1➡जमा पक्ष में रशीद बुक में योग का अंतर हों जाने पर वसूली निकती है जैसे एक दिन में आपने 54 रसीदे काटी एवम रसीदों के एक दूसरी के पीछे जोड़ लगाते हुए योग 8775 रु अंकित कर CB में 8775रु जमा कर दिये।
वास्तव में एक रसीद दूसरे के साथ चिपक जाने से योग में नही जुडी इसलिये एक रसीद की राशि 165 रु योग में कम हुए तथा CB में भी कम जमा हुए।
इसलिए रसीदों का योग बहुत ध्यान से लगाने की जरूरत है कई शातिर लोग जान बूझ कर भी ऐसी गलती कर राशि का गबन आसानी से कर सकते है।
2➡CB पूर्णतया जोड़ एवम बाकी की संक्रियाओं पर आधारित है इसलिये सभी जोड़ बाकी की ध्यान से लगानी चाहिए योग के अंतर CB में जो राशि कम जमा होगी वह भी गबन की श्रेणी में आता है। इसके साथ योग का फिगर भी ध्यान से उतारना चाहिए ।
जैसे योग 6870 रु है और CB में एक जैसे अंक होने से भूलवश 6780 लिख कर जमा कर दिए तो 90 रु का गबन हो गया।
3➡CB में रकम जमा करते समय यदि रसीद बुक 9 पूरी भर गई है तो उसके बाद BN 10 फिर 11 ऐसे BN चलते है ।
कभी कभी जल्द बाजी के CB में BN 9 की राशि जमा होने के बाद BN 11 की राशि जमा हो जाती है एवम BN 10 की राशि जमा होने से छूट जाती है और क्रम आगे चल पड़ता है।
इस प्रकार BN 10 की पूरी राशि का गबन हो गया शातिर लोग जान कर भी ऐसा कर सकते है अतः Ddo को शतर्क रहने की जरूरत है।
4➡CB का पेज भर जाने पर आगे B/F, C/F करते समय भी एक बार फिगर उतार कर उसे चेक कर लेना चाहिए
5➡क्लोजिंग बैलेंस अगले दिन का ओपनिंग बैलेंस होता है उसे भी ध्यान से आगे लेना चाहिये उसमे अंतर होने पर भी वसूली बन जाती है
6➡CB में इसलिये बहुत ध्यान से काम करने की जरूरत है एक बार भरने के बाद योग आदि की जांच दूसरे व्यक्ति से जरूर करानी चाहिये हमारी गलती हमसे नही पकड़ी जाती दूसरा जल्दी पकड़ कर बता देगा।

कुछ दिनों बाद कोई योग का अंतर नज़र आवे तो उसे कैसे सही करे ❓❓
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जुलाई 19 में आपने किसी कक्षा की फीस जमा की उसकी योग की जांच कराने पर पाया गया कि एक रसीद के 165 रु CB में भूल वश कम जमा हो गए अब उसका क्या करे❓
यह गलती जुलाई में हुई और इसका पता दो महीने बाद पता चला जब तक कैश बुक दो महीने आगे चली गई यदि आप उस गलती को जुलाई में उस दिन ही सुधार करते है तो आगे 2 महीने तक की सभी जोड़ को भी सही करना होगा और CB की दशा बुरी तरह से बिगड़ जाएगी।

इस भूल को आप निम्न तरह से सही करे
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योग में अंतर का आपको जिस दिन पता लगता है उस दिन CB ओपन करे एवम जमा साइड में विवरण में यह स्पस्ट उल्लेख करें कि 7 जुलाई को पेज न 34 पर जो 54 छात्रों का शुल्क जमा किया था उसमें भूल वश 165 रु कम जमा हो गए थे उसमे योग में आवश्यक सुधार कर अंतर राशि 165 आज जमा की जाती है एवम मद/total/cash के कॉलम में 165 लिख कर CB बन्द कर देवे।
नामे डेबिट पक्ष में वसूली योग्य गलतियां

1➡CB में किसी वाउचर का व्यय लिखा गया है परंतु जाच के समय वह बिल वाउचर फ़ाइल से मिसिंग हो तो वसूली निकती है।
2➡वाउचर की राशि को CB में ध्यान से लिखने की जरूरत है जैसे बिल में राशि 6868 है एवम गलती से CB में 8668 लिख दिए इसमे 1800 रु का गबन हो गया यह गलती से या जानकर भी किया जा सकता है।
3➡किसी वाउचर से प्राप्त सामग्री को यदि स्टॉक रनिस्टर में एंटर नही किया है तो 100%उस बिल की राशि वसूली योग्य होगी।
4➡GF&AR में दिये गये वित्तिय नियमो का उल्लंघन/वित्तिय शक्तियों का उल्लघन करने/क्रोयोत्तर स्वीकृति का अभाव/टेंडर प्रक्रिया का अभाव पाये जाने पर भी अंकेक्षण में आक्षेप बनते है

➡ टॉपिक न 2
डुप्लीकेट चेक जारी करने की परस्थितिया एवम प्रोसेस
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1➡GF&AR Rules न 111 के अनुसार किसी को चेक से भुगतान किया जाता है उसकी एंट्री उसी दिन CB में की जाती है।
2➡किसी पार्टी को आपने चेक दिया उसने किसी कारण से बैंक में चेक नही लगाया और 3 महीने की अवधि पार हो गया अब वो दूसरे चेक की मांग करे तो आप उससे एप्लिकेशन ले वे एवम बैंक पास बुक से जाच कर लेबे की वास्तव में चेक की राशि को नही उठाया गया है तो आप उस चेक को निरस्त कर दूसरा चेक जारी कर CBजमा एवम नाम side में मद/योग/bank के कॉलम में एंट्री कर देवे।
3➡यदि पार्टी पूर्व में दिए गए चेक खो जाता है और वह दूरसे की मांग करें तो पहले बैंक पास बुक से जाच करे कि वास्तव में चेक लगा या नही लगा फिर आप इस परिस्थिति में सर्व प्रथम बैंक को पत्र देकर चेक को stop payment करावे जिससे बैंक खोए गए चेक को ब्लॉक कर देगा फिर दूसरा ऊपर बताए गये प्रोसेस से जारी कर C B में एंट्री कर देवे।
बैंक में चेक को stop payment का चार्ज लगता है वह आपको पार्टी से वसुल करना होगा।
4➡CB में बैंक कॉलम की राशि एवम बैंक पास बुक की राशि का 100% मिलान होना चाहिए इसलिये महीने में कम से कम 3 बार बैंक पास बुक में एंट्री करावे तथा CB से अनिवार्य मिलान करे।
पूर्व में जारी कोई चेक आहरित नही होता है जब तक यह फिगर नही मिलता है ऐसी स्थिति में उस चेक की राशि एवम CB में bank की राशि को जोड़ कर पासबुक से मिलावे 100% मिलान होगा।
5➡कोनसा चेक लगा या नही लगा इसके लिए एक चेक रनिस्टर का संधारण करे जिससे आप आसानी से यह पता लगा सकेंगे।
यह कार्य आप चेकबुक में दी गई cunter file में जहाँ चेक जारी करते है उसका विवरण लिखते है वहाँ भी कर सकते है पास बुक से मिलान कर हर चेक के आगे encashment डेट लिख देवे ।

कैश बुक प्रशिक्षण सीरीज छठा दिन
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➡1 एडवांस किये गये भुगतान का पुनः समायोजन करना
1 जैसे PTI को टूर्नामेंट में टीम ले कर जाते समय एडवांस 5000 रु का भुगतान किया गया उसका समायोजन कैसे करे❓
?एडवांस हेतु मांग पत्र लेवे उस पर ddo की टिप्पणी करावे फिर 5000 रु प्राप्त किये की रशीद लेवे या उस ही प्राप्ति लेवे उस पर VN लगावे ।
?फिर CB में नामे डेबिट साइड में लाल स्याही से एंट्री करे
राशि मद/total/cash में करे।
समायोजन करना
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?टूर्नामेंट से वापस आने पर एडवांस राशि का समायोजन यथा शीघ्र करे ।
?CB क्रेडिट साइड में विवरण में पूरा हवाला देवे की VN/ Date के द्वारा श्री को एडवांस दिए गए 5000 रु का समायोजन करने हेतु राशि जमा की गई आप चाहे तो रशीद काट कर भी दे सकते है।
?अब CB में क्रेडिट साइड में मद/total/cash में 5000 की एंट्री कर देवे
?फिर डेबिट साइड में इस सम्बंध में दिए गए वाउचर का व्यय लिख देवे उसकी एंट्री मद/total/cash में कर देवे।
ध्यान रहे व्यय वाउचर का योग एडवांस राशि से कम है तो अंतर राशि रोकड़ प्राप्त करले एवम व्यय वाउचर का योग एडवांस राशि से अधिक है तो अंतर राशि भुगतान कर देवे।
?खेलकूद प्रतियोगिता का व्यय वाउचर कैसे बनावे इमेज न 1 में demo देखे
2➡CB में एक मद की राशि जरूरत होने पर दूसरे मद में ट्रांसफर कैसे करे
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ऐसा हमे प्रायः mdm की CB में करना पड़ता है।
?जैसे दूध के मद में राशि कम है तो हम mdm मद से20000 रु उधार ले कर दूध के मद में ट्रांसफर कर रहे है इसकी cb में बहुत सिंपल एंट्री होती है ।
आप cb ओपन कर क्रेडिट साइड में mdm मद में ( माईनस)- 20000 लिख देवे एवम दूध के मद में +(प्लस)+ 20000 लिख कर बन्द कर देवे।
?जब दूध की राशि प्राप्त हो जब वापस इसके उल्टा क्रम अपनाते हुए राशि वापस mdm मद को ट्रांसफर कर देवे।
इमेज न 2 demo को देख कर समझे।

3➡एक CB से दूसरी CB में व्यय वाउचरों का समायोजन
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1?जैसे 1 अप्रैल के बाद आप विकास की CB से बिजली पानी के बिल,इंटरनेट के बिल,अखबार के बिल,आदि भर रहे क्योकि smsa से वार्षिक स्कूल कमपोजीट प्राप्त नही हुई।
?अब कुछ समय बाद sdmc ac में कंम्पोजिट ग्रांट जमा हो जाती है तो विकास cb मेसे खर्च किये गए बिलो का समायोजन करने के लिए आप एक सूची बनावे की कोन कोंन से वाउचर का समयोजन आप उसमे करना चाहते है।
?क्रम संख्या,VN ,date विवरण,राशि
फिर उसकी जोड़ लगाकर राशि समयोजन करने की स्वकृति ddo से लेकर निम्न प्रकार से cb में एंट्री करें
?पहले sdmc की cb में डेबिट साइड में विवरण में पूरा विवरण लिखे की विकास cb से भुगतान किये गए निम्न वाउचरों का समायोजन किया जाता है फिर राशि को cb में मद/Total/बैंक में लिख कर चेक बना कर चेक विकास के बैंक खाते में जमा करा दे तथा वाउचर लिस्ट को वहाँ के vn लगा कर फ़ाइल कर देवे।
?अब दूसरी विकास वाली cb में पूर्ण विवरण लिख जमा साइड में लिखे की इस cb से व्यय किये गए वाउचरों का समयोजन कर राशि चेक से जमा की गई इसकी एंट्री इस प्रकार करे।
मद/total/bank

➡4 यदि cb में आप पैसे वाले कॉलम को रुपये में राउंड करना चाहे तो राउंड करने का प्रोसेस
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1?cb में अधिक कॉलम हो और उसमे राशि रु एवम पॉइंट में पैसों में हो तो उसको छोटे कॉलम में लिखने एवम जोड़ बाकी करने में बहुत दिक्कत आती है।
मैं आपको एक सरल उपाय बताता हूं जो सर्व मान्य है इससे आपके सभी कॉलम रु में राउंडेड हो जाएंगे।
इस हेतु छोटी राशि आपको अपनी जेब से मिलानी पड़ेगी ?मद अनुसार आप देखे कि किस मद मे कितने पैसे और प्ल्स करे कि रुपये में राउंड हो जाये वह रकम मद वार जमा साइड में जोड़ कर cb बन्द कर देवे।
जैसे मद 1 में राशि 900.47 रु है तो उसमें केवल 0.53 पैसे और पल्स कर देवे।
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नॉट?CB में बैंक वाले कॉलम की राशि को भी राउंडेड नही करे क्योकि बैंक के कॉलम की राशि एवम बैंक पास बुक की राशि हमेशा मिलनी चाहिए
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कैश बुक संधारण प्रशिक्षण सातवा दिन
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Topic 1➡ Paid and Recevied by Me
1? इसके द्वारा आप प्रत्येक बिल का भुगतान चेक से कर सरकारी आदेश की 100% पालना सुनिशित कर सकते है।
?आपने किसी कुम्हार से स्कूल के लिए 4 मटके 320 रु में खरीदे उसके पास कोई बैंक a/c नही है या बैंक a/c तो है लेकिन वह चेक से भुगतान स्वीकार नही कर रोकड़ में भुगतान चाहता है तो आप उसका एक वाउचर बना कर उस पर उसके sing करवा देवे फिर आप स्वम् या स्कूल के किसी कार्मिक से उस वाउचर पर paid & recevied by my की मोहर लगा कर sing करवा देवे एवम उनको चेक से भुगतान कर देवे
एवम उस वाउचर को cb में लिख देवे।
2?आज बिजली के बिल की अंतिम तिथि है एवम आपका लेखा कार्मिक अवकाश है या बचत में पर्याप्त राशि नही है तो आप उस बिल को स्वम् उस दिन भर कर paid & recevied by me कर देवे फिर बैंक से राशि आहरित कर भुगतान करने वाले को चेक जारी कर cb में एंट्री कर देवे।
3?किसी भी बिल को पेमेंट करते समय यह विशेष ध्यान रखे कि वह बिल उधार का नही होना चाहिये यदि बाकी का बिल है तो पहले उसे cash करवावे फिर भुगतान कर cb में एंट्री करे।
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?प्राय देखा गया कि लेखा कार्मिक या cb भरने वाला कार्मिक अपने Ddo से 2-4 खाली चेक पर sing करवा कर अपने पास रखते है अतः Ddo साहब किसी भी स्थिति में रिक्त चेको पर अपने sing करके चेक लेखा कार्मिक को नही देवे चाहे वह लेखा कार्मिक आपका कितना ही विश्वश्त व्यक्ति क्यो ना हो ऐसे चेको का अभी भी दुरुपयोग हो सकता है एवम आप गंभीर घटना के शिकार हो सकते है
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टॉपिक 2 ➡लेजर बुक
1?लेजर बुक बाजार में प्रिंटेड मिलती है इसको खाता बही भी कहा जाता है यदि आप cb में एंट्री करने के बाद मद वार लेजर में उसकी एंट्री करते है तो आप आसानी से उस खाते में कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी खर्च हो गई तथा उनकी बाकी कर अब कितनी शेष रही उसका पता एक मिनिट में लगा सकते है।

यह उन cb के लिए बहुत कारगर उपाय है जिस cb में कॉलम कम हो एवम कई सारे मद की राशि का हिसाब रखना पड़ता है। जैसे sdmc की एक cb में है जिसमे तीन ही कॉलम हैओर उसमें कई मद जैसे छात्रवृति,mdm, दूध,sag, smg, crc peeo ग्रांट,स्वच्छता आदि मद की राशि आती है

2?लेजर में एंट्री कैसे होती है❓
1➡ सबसे पहले लेजर में आप मद अनुसार जरूरत के हिसाब से पेज छोड़ कर प्रत्येक मदवार खाते खोल लेवे।
2➡लेजर में भी क्रेडिट एवम डेबिट दो पक्ष cb के समान ही होते है तथा उसको भरने का तरीका भी cb के समान ही होता है नया कुछ भी नही है। प्राप्त होने वाली राशि जमा पक्ष एवम भुगतान की गई राशि को नाम पक्ष में लिखे।
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यह विशेष ध्यान देवे की cb में एंट्री करते ही संबंधित लेन देन की एंट्री उसी समय लेजर में कर देवे इसमे भूल नही रहे
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3?लेजर की सहायता से समय समय पर तलपट(कच्चा आकंड़ा) तैयार कर यह भी पता लगा सकते है कि आप जो cb भर रहे है वह सही चल रही है या कही त्रुटि है।
4?तलपट बनाने का तरीका भी बहुत आसान है इसको आप सलग्न इमेज 1 को देख कर समझे।
जैसे आप 1/4/19 से 31/8/19 का तलपट बनाना चाहते है तलपट में जमा /नाम दो पक्ष होते है सबसे पहले जमा side में सबसे ऊपर CB से 1/4/19 का opining balance total के कॉलम में लेवे।
➡फिर मदवार लेजर में बनाये गये खातों में जोड़ लगाकर जमा एवम नाम की टोटल तलपट में लिख देवे।
➡ तलपट में नाम साइड में सबसे नीचे केश बुक से 31/8/19 की शेष बचत राशि लिख कर तलपट के दोनों पक्षों का योग लगा कर देखे अगर दोनों पक्षो का योग मिल रहा है तो आप ने अब तक जो cb में कार्य किया है वह 100% सही है।
यदि दोनों पक्षो में जोड़ की भिन्नता है तो बाकी निकाल उस राशि की एंट्री को ढूंढ कर सही करे।
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टॉपिक 3➡राजकीय कैश बुक
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1?राजकीय CB अन्य CB से थोड़ी भिन्न होती है इसमे बैंक का कोई कॉलम नही होता है।
इसको भी अन्य cb की तरह ही भरा जाता है संस्था को प्राप्त सरकारी राजस्व एवम कार्मिको के आहरित सभी प्रकार के वेतन एवम भत्ते तथा paymanagager से बनने वाले सभी बिलो का भुगतान एवम लेनदेन लिखा जाता है।
2➡पारित सभी प्रकार के बिलो को पहले encashment रजिस्टर में दर्ज कर जमा साइड में एवम भुगतान को नाम साइड में निर्धारित कॉलम में लिख देवे।
3➡इसी प्रकार अन्य प्राप्त राजस्व जो स्कूलों में आता है उसके ऊपर अलग कॉलम बना देवे जैसे tc &add fees, Rti फीस,अधिक भुगतान की वसूली,नीलामी से आय,fvc bill आदि फिर उस आय को जमा पक्ष में लिख देते है।
उक्त राजस्व आय को बाद में चालान बना कर राजकीय कोष में जमा करवा कर नाम साइड में लिखा जाता है।
4?राजकीय चालन आज कल Egras से जरनेट होते है इसके लिये पहले Ddo को egras पर new Regsretion कर user id एवम password बनाना पड़ता है फिर उससे egras पर लॉगिन कर सबसे पहले विभन्न चालान हेड अनुसार प्रोफइल बनानी पड़ती है फिर उस प्रोफइल से आवश्य चालान जरनेट करे।
5➡egras से चालान जरनेट करते समय ऑप्शन आता है menual इस पर किल्क करेंगे तो ऑफ लाइन चालान जरनेट होगा जिसका प्रिंट निकाल कर बैंक में जमा कराना होगा।
यदि आप ऑन लाइन पर क्लिक करेंगे तो आप नेट बैंकिंग या डेबिट कॉर्ड का उपयोग करते हुए चालान ऑन लाइन भर सकेंगे इससे E chalan जरनेट होता है
Egras से चालान जरनेट होते ही GRN एवं CIN जारी होते उसे नॉट कर लेना चाहिये इस नम्बर की मदद से Egras से चालान का Ree print लिया जा सकता है।
चालान बना कर चालान रनिस्टर में एंट्री करे फिर बैंक में जमा करावे फिर उसकी एंट्री Cb में कर देवे।
चालान पर अंकित GRN और CIN नंबर का क्या अर्थ होता है।
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Government Revenue Number (GRN)
सरकारी राजस्व क्रमांक

GRN is generated on the Challan to uniquely identify the government receipt.

जीआरएन सरकारी रसीद की विशिष्ट पहचान करने के लिए चालान पर उत्पन्न होता है।

A separate Bank CIN (Challan Identification Number) is generated for each eChallan paid online

ऑनलाइन भुगतान किए गए प्रत्येक eChallan के लिए बैंक द्वारा CIN (चालान पहचान संख्या) उत्पन्न कर चालान पर अंकित की जाती है

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GF&AR के नियमानुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्राप्त राजस्व आय को उसी वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि 31 मार्च तक अनिवार्य बैंक में जमा कर देना अनिवार्य है
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स्कूलों में प्राप्त होने वाली विभन्न राजस्व आय को किस हेड में जमा करवाते है❓
उक्त सूची हेतु इमेज न 2 को देखे एवम नॉट कर लेवे।
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मैने अपने 39 वर्ष की सेवा के अनुभव शेयर करते हुए कैश बुक सम्बन्धित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को टच करते हुए कैश बुक संधारण की यह सीरीज तैयार की है। इसमे कोई कमी या मतांतर हो तो GF&AR नियमानुसार पालना करावे ।
वैसे कैश बुक संधारण का कार्य एक प्रेक्टिकल कार्य है जिसे अपने हाथ से करने पर ही दक्षता प्राप्त होगी।
इस सीरीज की भिन्न माध्यम से सोशियल मीडिया पर आप द्वारा मेरी जो सराहना की तथा मुझे प्रेरित किया है उसके लिये मै आप सभी का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
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साथ ही मेरी एडमिन टीम के उन सभी साथियों का भी आभार जिन्होंने इस सीरीज में मुझे अपना भरपुर सहयोग प्रदान किया

 

Paymanager

पेमेनेजर इन्फो ग्रुप में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

Paymanager Info Team का यह कोशिश रहेगी कि हम आपको पूरी और सटीक जानकारी दे। इसके लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है।

सर्वप्रथम Paymanager साइट पर जाकर Paymanager खोले तो. आपका कम्प्यूटर स्क्रीन पर यह दृश्य नजर आएगा।

ब्लू पट्टी पर लॉगिन से ऊपर केवल Digital आ रहा है अतः for DDO/Employee Login पर क्लिक करे। (या सीधे ही http://paymanager2.raj.nic.in/ पर क्लिक करके खोल लेवें) इस पर क्लिक करने पर 5 Options आएंगे :
DDO
Employee
Digital
Department
Sub DDO

आपको अपने स्कूल/Office के बिल बनाने है तो आप DDO पर क्लिक कर दे।
इसके बाद प्रथम बॉक्स में Enter User Name में Office :ogin ID* नम्बर भर दे।

(आप अपनी सुविधा के लिए स्टेप नोट करते रहे। इससे आपको भविष्य में भी सुविधा रहेगी।)

उसके बाद के बॉक्स में Password भरे। इसी के नीचे 5 फिगर का कैप्चा दिया गया है उसे तीसरे बॉक्स में भर दे। कैपिटल को केपिटल में भरना जरूरी नही है। स्माल में भरने पर भी खुल जायेगा। कैप्चा डालने के बाद login कर दे तो आपके सामने यह आएगा।

अब जहाँ कर्सर दिख रहा है वहाँ पर क्लिक करे. फिर Take Me to Main Site पर क्लिक करते ही यह दृश्य सामने होगा।

इसमें आपको निम्न Options उपलब्ध होंगे
1. Master
2. Bill processing
3. Authorization
4. Reports
5. Other bill
6. Employee corner
7. System admin
8. DDO report treasury wise
9. Help
10. Log out

वेतन बिल बनाने के लिए 6 चरणों से गुजरना होता है।
1. Bill Allocation
2 Salary Preparation में जाकर Employee Pay Detail
3. Monthly Salary Process
4. Report में जाकर Inner बिल की जांच करे
5. Forward to DDO
6. Bill Forward to Treasury
अंत मे बिल प्रिंट कर लेवे।

प्रश्न 1- Add Group Allowances किस काम आता है।
उत्तर- यदि किसी ग्रुप के कर्मचारी किसी एक Allowance को समान रूप से प्राप्त करते है तो उसको यही से सेलेक्ट करने पर उस ग्रुप के समस्त कार्मिको को समान Allowance मिलते है।

प्रश्न 2- Add Group Deduction किस काम आता है।
उत्तर- यदि किसी ग्रुप के कर्मचारी किसी एक कटौती को समान रूप से कटवाता है तो यही से सेलेक्ट करने पर समान रूप से पूरे ग्रुप में कटौती होगी।

प्रश्न -3 Bulk Allowances का क्या उपयोग है।
उत्तर- यदि पेमेनेजर पर एक से ज्यादा ग्रुप है और उनमें किसी भत्ते को समान रुप से किया जाना है तो इस Option का प्रयोग करेंगे।

प्रश्न -4 Bulk Deduction कब काम आता है।
उत्तर- यदि पे मेनेजर पर एक से ज्यादा ग्रुप है और उनमें किसी कटौती को समान रुप से किया जाना है तो इस Option का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 5- Employee Pay Detail क्या है ?
उत्तर- यह बहुत ही महत्वपूर्ण फंक्शन है। इसमें किसी कर्मचारी को क्या Allowance और Deductions करने है उसे यहां पर Insert/Edit करते है।
Employee Pay डिटेल Master के Personal और Pay & Bank के कॉलम में भरे गए Salary Option के अनुसार भत्ते व कटौती दर्शाता है।

एक सामान्य जानकारी भी नोट कर ले।
1. विभागीय बिल Feb-12 से ऑनलाइन हुए।
2. PD Head कार्मिको के बिल Nov-16 से ऑनलाइन हुए।
3. SSA कार्मिको के बिल Mar-17 से ऑनलाइन हुए।
अतः इसी अनुसार GA-55 की डिमांड करे।

कोई PD कार्मिक यह कहे कि मुझे 2015 से ऑनलाइन GA-55 दीजिए, तो आप कह सकते है कि ऑनलाइन GA-55 Nov—16 से ही मिलेंगे उसके पहले के Offline बनेंगे।

Bill Processing में जाकर Salary *Preparation में जाये। उसके बाद आप Employee Pay Detail में जाये।

Salary Pay Detail में जाने के बाद आप *Month, Year और Select Group का चयन कर ले।

यह सारी प्रक्रिया पूर्ण करने पर आप स्क्रीन पर ग्रुप के सभी सदस्यों के नाम देख पाएंगे और उनके वेतन में Edit (संशोधन) कर पाएंगे।

अब आप जिस कार्मिक के वेतन भत्ते या कटौती में संशोधन चाहते है उस नाम को क्लिक करे। नाम पर क्लिक करते ही उस कार्मिक के वेतन और भत्ते Show हो जाएंगे.

वेतन, भत्तो और कटौती के नीचे 9 प्रकार के Functions दिए गए है।

1- Add Allowance : इसमें हम सम्बन्धित कार्मिक के भत्ते ऐड करेंगे।
2- Add Deduction : इसमें हम सम्बन्धित कार्मिक के GPF, S.I. Loan, और अन्य समस्त प्रकार की कटौतियों में संशोधन कर सकेंगे।
3- Add Nominee : इसमें हम नॉमिनी के खाता नम्बर Add करके उसे भुगतान करेंगे।
4- Partial Payment : इसमें हम कार्मिक का आंशिक भुगतान कर सकते है।
5- इसमें हम किसी कार्मिक की LIC परिपक्व होने पर हटा सकते है और नई LIC पालिसी होने पर Add कर सकते है.
6- Dependent Deduction : इसमें आश्रित हेतु कटौती की जाती है।
7- Stop Payment : इस फंक्शन पर क्लिक करने पर वेतन रोकने का कारण लिखना होता है और वेतन रुक जाता है।
8- Loan Master : इसमें लोन सम्बन्धी कटौती की जाती है।
9- Suspend : यह निलंबित कार्मिको के वेतन बनाने में काम आता है।

अगर किसी कार्मिक का वेतन Stop है और उसे पुनः रिलीज करना है तो आप Release Pay पर जाकर Bill बनाने का कारण लिख दे तो वेतन रिलीज हो जाएगा।

Add Allowance करने पर यह भत्ते Show होंगे.

भत्तो में Type लिखना होगा। इसमें तीन टाइप मिलेंगे
1- Slab अथवा, 2- Amount अथवा, 3- Formula
भत्ते अनुसार टाइप भरेंगे।

इसी प्रकार Add Deduction सारी कटौती शो हो जाएगी.

इसी प्रकार कटौती में भी Type लिखना होगा। इसमें तीन टाइप मिलेंगे
1- Slab अथवा, 2- Amount अथवा, 3- Formula
कटौती अनुसार टाइप भरेंगे। Formula हमेशा NPS कटौती के काम आता है। आयकर या लोन कटौती में Amount भरना होता है, जबकि RPMF में Slab भरते है। इसी प्रकार Allowance में DA और HRA के लिए Formula काम मे लेते है।

समस्त कार्मिको के वेतन, भत्तो और कटौती में अगर संशोधन की जरूरत हो और संशोधन कर लिया गया है तो यहाँ पर वेतन बनाने का अपना द्वितीय चरण पूर्ण हो जाता है।

आज की प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 11- पे-मेनेजर में सबसे महत्वपूर्ण क्या है जिससे बिल बनाने में सुविधा हो?
उत्तर- कार्मिक के Master Option में Employee Detail के समस्त कॉलम की पूर्ति करे तो बिल बनाने में कभी भी दिक्कत नही आएगी। अगर आपने इसे अपूर्ण रख दिया तो यह आपके लिए दुविधा बन जाएगी।

प्रश्न 12- पे-मेनेजर पर Master के अन्तर्गत क्या पूर्ति करनी पड़ती है?
उत्तर- इसे भरने के लिए निम्न चरण पूरे करने होते है :
1- Personal, 2- Status, 3- Pay & Bank, 4- Contact Details, 5- Employee Dates, 6- Employee Number, 7- Family Details, 8- Scheme, 9- Images & 10- Corp Details

प्रश्न 13- मैं बोनस का बिल बना रहा हूँ लेकिन बिल एलोकेशन के वक्त Bill Type में Bonus ही नही आ रहा है। क्या करूँ?
उत्तर- आप सर्वप्रथम Add Bill Role में जाकर Bonus ऐड करके Submit कर दे और Bill Type में जाकर Bonus चेक कर ले। अब Bonus आ जायेगा। शैक्षिक समाचार

प्रश्न 14- Covering Letter कब जारी करते है?
उत्तर- बिल को Treasury Forward करने के दिवस को छोडकर आगामी दो कार्य दिवसों तक बिल को कोषालय में भेजना अनिवार्य है अन्यथा Authorization में जाकर Covering Letter जारी किया जाता है, जिसे DDO के हस्ताक्षर करवाकर बिल के साथ लगाना होगा।

प्रश्न 15- मुझे वर्दी के बिल बनाने है। Bill Type में क्या Fill करना है?
उत्तर- आपको वर्दी का बिल बनाने के लिए Bill Type में FVC में जाना होगा फिर Bill Sub Type में Liveries को सबमिट करना होगा।

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वेतन बिल प्रशिक्षण की इस कड़ी में Bill Allocation का कार्य सीखेंगे। कोई भी बिल बनाने का यह पहला चरण है। बिल नम्बर दिए बिना बिल बनाना सम्भव नही होता।

बिल नम्बर देने के लिए Bill Processing के नीचे अंकित Bill No. Allocation पर क्लिक करे। आपके सामने स्क्रीन पर यह दृश्य नजर आएगा।

Select Option* पर क्लिक करने पर दो विकल्प नजर आएंगे
1- Bill Allocation
2- Bill Modification

अब आप Bill Allocation पर क्लिक करे तो आपके सामने स्क्रीन पर यह दिखेगा।

Bill Number Generate* में Manual ही रहने दे।

Bill Type में जो बिल आप बना रहे है उसका प्रकार लिखे।
Salary/TA/Medical/Office Expencesजैसे /FVC etc.

Bill Sub Type में आप Regular कर दे, क्योकि अधिकतर नियमित वेतन ही बनता है।

इसके बाद Object में Bill Type के अनुसार अंकित करना है।
Salary होने पर 01
TA होने पर 03
Medical होने पर 04
Office Expenses होने पर 05 भरे।

Pay Month में जिस माह का वेतन बनाया जाना है उस माह को दर्ज करें।

Pay Year में जिस वर्ष का वेतन बनाया जाना है उस वर्ष को दर्ज करें।

Bill Date में आज की Date आएगी। अगर पूर्व डेट में बिल बनाना हो तो Back Date भी कर सकते है।

अब आप बिल रजिस्टर के अनुसार बिल क्रमांक Bill No. में अंकित करे।

इसके बाद Bill Name में जिस लेखा मद के अन्तर्गत बिल बनाया गया है वह Group का चयन करें।

उपरोक्त समस्त पूर्ति के बाद Submit करे तो आपको Bill Register Details added successfully का मैसेज प्राप्त होगा और एक बॉक्स में OK आएगा।

OK पर क्लिक करने पर आपका Bill Allocation का प्रथम चरण पूरा हो जाएगा।

प्रश्नोत्तरी
प्रश्न-6 : एक रिटायर्ड कार्मिक का मास्टर डेटा उपलब्ध नही है। एरियर भुगतान कैसे करे?
उत्तर : यदि कोई *मृत या सेवानिवृत्त कार्मिक (फरवरी 12 से पूर्व) का है और उसका पे-मेनेजर पर Master Data नही है तो उसे एरियर भुगतान के लिए आप उसका Master Data तैयार कर ले इसके लिए उस सेवानिवृत्त कार्मिक की Employee ID होना जरूरी नही है।

प्रश्न-7 : मुझे पे-मेनेजर पर मेरा बैंक खाता परिवर्तित कराना है। क्या यह सम्भव है?
उत्तर : यह कार्य DDO के माध्यम से होगा। DDO अपने कार्मिक के बैंक खाते में परिवर्तन हेतु *सम्बंधित कोषाधिकारी को पत्र लिखेगा जिसमे पूर्व बैंक में किसी बकाया के नही होने का *(No Dues) प्रमाण-पत्र देना होगा. साथ मे नए खाते की पासबुक की सुपाठ्य कॉपी संलग्न करनी होगी।

प्रश्न-8 :- पे-मेनेजर पर मेरा नाम/ पिता का नाम/ जन्मतिथि गलत है। संशोधन कैसे होगा?
उत्तर : इसके लिए DDO द्वारा सम्बन्धित कार्मिक की सेवापुस्तिका के प्रथम पृष्ठ की सत्यापित प्रति लगाकर कोषालय भिजवाए। निश्चित रूप से संशोधन हो जाएगा।

प्रश्न-9 : मुझे एक कार्मिक का 5 दिन का वेतन बनाना है। कैसे बनाऊँ?
उत्तर : अगर आपको किसी कार्मिक की आंशिक सैलरी बनानी है तो आप Bill Processing > Salary Preparation > Employee Pay Detail > Partial Pay में जाकर बिल बना दे।

प्रश्न-10 : मुझे एक कार्मिक का अर्द्ध वैतनिक अवकाश (HPL) बिल बनाना है। कैसे बनेगा ?
उत्तर : आप सबसे पहले Bill Processing में जाये और Employee Half Pay सेलेक्ट करे और आराम से बिल बना ले।

आपको यह कार्य Step by Step बहुत ही सरल भाषा मे और धीमी गति से सिखाया, क्योकि एक ही दिन में सारी बात बता देने से वह खिचड़ी बन जायेगा इसलिए धीमे धीमे सीखने वाला इंसान आखिर सीख ही जाता है।

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इस वेतन बिल की अगली कड़ी में Monthly Bill Processing का कार्य सीखेंगे।

इसके लिए Salary Processing > Salary Preparation > Monthly Salary Process में जाना होगा।

Monthly Salary Process पर क्लिक करने पर आपकी स्क्रीन पर दिखेगा। आपको इसमें दो बॉक्स नजर आ रहे होंगे। एक बाये है तो दूसरा दाएं है।

कृपया ध्यान देवे
अगर आपको उस ग्रुप के सभी कार्मिको का बिल बनाना है तो दाएं बॉक्स में क्लिक करके प्रोसेस कर दे। अगर आपको उस ग्रुप के आंशिक कार्मिको का बिल बनाना है तो दाएं और बाये दोनों बॉक्स पर क्लिक करे लेकिन पहले बाये पर क्लिक करके फिर दाएं पर क्लिक करे तो सभी के नाम शो हो जाएंगे।

इसके बाद Month और Year सेलेक्ट करने पर वह बिल जिसे आप Process करना चाह रहे है वह Show हो जाएगा। अब आपको जिस-जिस कार्मिक का बिल बनाना है उस पर क्लिक कर दे और Process कर दे। Process होते ही यह मैसेज प्राप्त होगा।

Salary Process Successfully का मैसेज स्क्रीन पर नजर आएगा।

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प्रश्न 16- मैने एक वेतन बिल सितम्बर-18 में बनाया। अक्टूबर-18 में DDO फारवर्ड किया। नवम्बर-18 में ट्रेजरी फारवर्ड कर दिया। अब मुझे बिल स्टेटस चेक करना है तो कौनसा माह सेलेक्ट करूँ?
उत्तर- आपने जिस माह में बिल बनाया है वही महीना Select करे, यानि आप सितम्बर-18 सेलेक्ट करे।

प्रश्न 17- मैं किसी कार्मिक की पेमेनेजर आई डी ट्रांसफर कर रहा हूँ लेकिन नाम डालते ही No Data Found लिखा हुआ आता है, ऐसा क्यों?
उत्तर- उस कार्मिक का वेतन Stop होने से No Data Found बता रहा है. आप सबसे पहले उसके वेतन को रिलीज कीजिये फिर Transfer Emloyee में जाकर ट्रांसफर कर दे। एक बात ध्यान रखे DDO कोड डालने के बाद सर्च करने पर Next Office या School का नाम चेक कर ले और पूर्ण सन्तुष्टि के बाद ट्रांसफर करे।

प्रश्न 18- क्या एक ग्रुप के समस्त कार्मिको का एक साथ GA-55 निकाला जा सकता है?
उत्तर- हां बिल्कुल निकाला जा सकता है। आप सबसे पहले Reports में जाये फिर DDO Reports में जाये। उसके बाद Employee Related Reports में जाये और फिर GA-55 में जाकर पूरे ग्रुप कार्मिक के एक साथ GA-55 प्रिंट कर ले।

प्रश्न 19- मुझे मेरे आफिस के पेमेनेजर से वर्षवार Employee Transfer की जानकारी लेनी है। कैसे प्राप्त होगी?
उत्तर- आपको Reports > DDO Reports > DDO Related Reports > Employee Transfer Detail में जाने से वर्षवार Transferred Emloyee की जानकारी मिल जाएगी।

प्रश्न 20- मुझे मेरे आफिस के पेमेनेजर से माहवार पारित बिलो के TV नम्बर की जानकारी लेनी है। कैसे प्राप्त होगी?
उत्तर- आपको Reports > DDO Reports > DDO Related Reports > TV Number Report में जाने से माहवार All Type Bills की जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए आपको All Type Bills पर क्लिक करना होगा।

एक विशेष जानकारी नोट करे
यदि अपने गत वर्ष GPA का Proposal फॉर्म ऑनलाइन करवा दिया है और इस वर्ष कोई भी बदलाव नही है तो हर वर्ष ऑनलाइन की जरूरत नही है। आपके एक क्लिक से GPF, SI के Balance और बकाया लोन की (शैक्षिक समाचार) जानकारी आपके द्वारा SSO लॉगिन करने पर प्राप्त हो जाएगी। इसके लिए आप दाई ओर कर्सर देखिए और वहाँ क्लिक कर दे।

अगर आपकी राज्य बीमा की कटौती वेतन स्लैब के अनुसार हो रही है तो आपको Further Contract का फॉर्म भरने की आवश्यकता नही है वह Further सिस्टम में अपने आप शामिल हो जाएगा।

पेमेनेजर के अलावा भी कुछ नई जानकारी शेयर करने का प्रयास किया गया है जो आपके काम आएगा।

आप सबके सहयोग के लिए हार्दिक धन्यवाद।

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By:- Shree c.s.pareek

अजमेर जॉन

अजमेर ज़ोन

नाम – तौफ़ीक़ अहमद पठान
पद -अध्यापक L1
पदस्थापन:- राज प्राथमिक विद्यालय, सोलकलां भिनाय जिला अजमेर
मो.न.  9667159594

रामजी लाल आचार्य
अध्यापक L-2
राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनवां (टोंक)
मोबाइल नं. 9145842224
9829538860

परमेश्वर लाल मीना
अध्यापक L2 गणित विज्ञान
पदस्थापन-राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपलून्द जहाजपुर जिला-भीलवाड़ा (राज.)
मोबाइल नं़ 9799322651

जगदीश कुमार (जगदीश सौढ़)
अध्यापक
राउप्रावि लालरियानाड़ा, जसवंतनगर (खींवसर)
नागौर
6378112055

भंवर लाल टेलर
पद–अध्यापक
पदस्थापन्न–रामावि—-अगरोट (डीडवाना)
जिला—नागौर
8955428789

नाम – बलवीर बांगड़ा
पद – अध्यापक
पदस्थापन -रा उ प्रा वि सिलारिया, जायल, नागौर
जिला – नागौर
मो.न. – 9414104600

सुचना का अधिकार

RTI ACT-2005
सुचना प्राप्त करने की प्रक्रिया
RTI FORM